मालीपुरा-केसरगंज मार्ग बना ‘हादसों का जाल’: रात के अंधेरे में गड्ढों में फंस रहे वाहन, अधूरी सड़क से बढ़ा खतरा
ललित चावला बिजौलिया | 26 Aug 2026
बिजौलिया। नेशनल हाईवे-27 को जोड़ने वाले मालीपुरा-केसरगंज मार्ग पर इन दिनों हादसे होना आम हो गया है। सड़क निर्माण कार्य अधूरा रहने और सड़क के दोनों किनारों पर साइड नहीं भरने के कारण वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर डिवाइडर निर्माण के लिए छोड़ी गई गढ़ेनुमा जगहें भी दुर्घटना का कारण बन रही हैं।
मंगलवार रात एक कार डिवाइडर बनाने के लिए सड़क के बीच छोड़ी गई गढ़ेनुमा जगह में फंस गई। इससे वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले बीती शनिवार को भी एक वाहन डिवाइडर के लिए बनाए गए गड्ढों के पास अनियंत्रित होकर पलट गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में रोष है।
मंगलवार रात डिवाइडर में फंसी कार
अंधेरे में दिखाई नहीं देतीं गढ़ेनुमा जगहें
स्थानीय दुकानदार अरुण शर्मा और मुकेश जैन ठोला ने बताया कि मालीपुरा-केसरगंज मार्ग का निर्माण हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन सड़क के बीच डिवाइडर के लिए जगह छोड़ रखी गई है। रात के समय पर्याप्त रोशनी और संकेतक नहीं होने के कारण ये जगहें वाहन चालकों को दिखाई नहीं देतीं। ऐसे में कई वाहन इनके अंदर फंस जाते हैं। वाहनों के पहिए गड्ढों में फंसने से जाम की स्थिति बनती है और वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
सड़क की साइड भी बनी परेशानी
मालीपुरा-केसरगंज मार्ग पर सड़क की साइड सही तरीके से नहीं भरने के कारण भी हादसों का खतरा बना हुआ है। सड़क के किनारे कई जगह असमतल साइड होने से अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है और वाहन सड़क से नीचे उतरकर पलटने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मालीपुरा से केसरगंज तक सड़क निर्माण कार्य करीब दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर सड़क की साइड नहीं भरी गई है। इससे वाहन चालकों को विशेषकर रात के समय काफी परेशानी होती है। सड़क किनारे बनी ऊबड़-खाबड़ साइड और बीच में छोड़ी गई डिवाइडर की जगहों के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों ने जल्द काम पूरा कराने की मांग की
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक डिवाइडर के लिए छोड़ी गई जगहों पर सुरक्षा संकेतक, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही सड़क की दोनों साइड भरकर समतल की जाए, ताकि वाहन चालकों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इनका कहना ईओ तरुण कुमार का कहना है कि वैसे तो यह निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी द्वारा किया गया है। डिवाइडर की जगह पर विद्युत पोल लगने के बारे में पता करके समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।