बिजौलिया नगर पालिका चुनाव: कुछ जनरल वार्डों में पार्टियां तलाश रहीं OBC-एससी चेहरे
ललित चावला बिजौलिया | 23 Aug 2026
बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही कस्बे के 25 वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। वार्डों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद सबसे ज्यादा गहमागहमी जनरल सीटों पर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों के बीच देखने को मिल रही है। वहीं आरक्षित वार्डों में टिकट के दावेदारों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से फिलहाल यहां ज्यादा खींचतान नजर नहीं आ रही है।
जनरल सीटों पर दावेदारों में बढ़ी सक्रियता
जनरल सीटें इस समय राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों के लिए चुनावी कैंपेनिंग का प्रमुख केंद्र बनी हुई हैं। इन वार्डों में कई दावेदार अपने स्तर पर मतदाताओं से संपर्क साधने, सामाजिक एवं व्यक्तिगत समीकरण मजबूत करने और पार्टी स्तर पर टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताने में जुटे हैं।
आरक्षित वार्डों पर पैराशूट प्रत्याशियों की नजर
आरक्षित सीटों पर संबंधित वर्ग के गिनती के उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। ऐसे में इन वार्डों के चुनाव परिणामों पर दूसरे वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पैराशूट प्रत्याशियों की भी नजर बनी हुई है। राजनीतिक दलों के लिए आरक्षित वार्डों में मजबूत प्रत्याशी तलाशना चुनौती बना हुआ है। वहीं आरक्षण के चलते अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाने वाले कुछ दावेदार दूसरे संभावित वार्डों के राजनीतिक समीकरणों को खंगाल रहे हैं।
कुछ जनरल वार्डों में OBC-एससी चेहरे तलाश रहीं पार्टियां
कस्बे के कुछ जनरल सीट वाले वार्डों में पर्याप्त संख्या में इच्छुक उम्मीदवार सामने नहीं आने से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने अलग तरह की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे वार्डों में अब कांग्रेस और भाजपा OBC तथा एससी वर्ग के मजबूत और जीत की संभावना रखने वाले चेहरों को चुनाव मैदान में उतारने की संभावनाएं तलाश रही हैं। इसके लिए संबंधित वार्डों में जातिगत वोटों के समीकरण, मतदाताओं की संख्या, स्थानीय प्रभाव रखने वाले परिवारों और संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक पकड़ का आकलन किया जा रहा है।
जातिगत समीकरण भी टिकट चयन का आधार
पार्टियां यह भी देख रही हैं कि किस वर्ग का उम्मीदवार संबंधित वार्ड में उनके पक्ष में बेहतर वोट ट्रांसफर करा सकता है। ऐसे में जनरल सीट होने के बावजूद कुछ वार्डों में जातिगत समीकरण टिकट चयन का अहम आधार बन सकते हैं। राजनीतिक दलों के स्थानीय पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों के संपर्क, व्यक्तिगत प्रभाव और वार्ड में मजबूत सामाजिक समीकरणों को लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटा रहे हैं।