किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण पर उठाए सवाल: कहा- 2 हजार रुपए प्रति किलो मुआवजा दिया जाए, मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
ललित चावला बिजौलिया | 06 Jul 2026
बिजौलिया। अफीम उत्पादक संघर्ष समिति राजस्थान प्रदेश के बैनर तले आज ऊपरमाल बिजौलिया अफीम उत्पादक किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर डोडा चूरा नष्टीकरण की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग की।
किसानों ने कहा कि डोडा चूरा नष्ट करने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए सरकार या तो उचित मुआवजा दे या फिर किसानों को अपने खेत में ही इसका नष्टीकरण (जमींदोज) करने की अनुमति प्रदान करे। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भारत सरकार अफीम उत्पादन के लिए किसानों को लाइसेंस जारी करती है। निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार अफीम को भारत सरकार जीवनरक्षक दवाइयों के निर्माण के लिए खरीद लेती है, लेकिन उससे बचा हुआ डोडा चूरा वर्ष 2016 से पहले राज्य सरकार की ठेका व्यवस्था के तहत 125 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता था। बाद में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई और अब किसानों को डोडा चूरा जमींदोज कर नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि हो रही है।
संघर्ष समिति ने मांग की है कि राज्य सरकार डोडा चूरा के बदले किसानों को 2000 रुपये प्रति किलो की दर से वजन के अनुसार मुआवजा प्रदान करे। यदि यह संभव नहीं है तो किसानों को अपने खेत में ही डिस्क या हकाई की सहायता से डोडा चूरा नष्ट करने की अनुमति दी जाए तथा किसानों के स्व-घोषणा पत्र को मान्यता देकर उन पर विश्वास किया जाए।
किसानों का कहना है कि उनके पास डोडा चूरा सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती। कई किसानों के कच्चे मकान होने के कारण डोडा चूरा बारिश में भीग जाता है या मवेशी उसे खा जाते हैं। ऐसे में निर्धारित मानकों के अनुसार उसका सुरक्षित भंडारण करना कठिन हो जाता है।
अफीम उत्पादक संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जब तक डोडा चूरा का 2000 रुपये प्रति किलो की दर से मुआवजा देने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वर्तमान नष्टीकरण के आदेशों को स्थगित किया जाए अथवा किसानों को अपने खेत में ही डोडा चूरा नष्ट करने की अनुमति प्रदान की जाए।
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