मानवता की मिसाल बने पिता-पुत्र : लावारिस लाश का किया अंतिम संस्कार
ललित चावला बिजौलिया | 19 Oct 2026
बिजौलिया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए कस्बा निवासी नवीन नाहर और उनके पुत्र योगेश नाहर ने सोमवार को सलवटिया में मिले एक लावारिस शव का अपने निजी खर्चे पर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। मृतक की पहचान कोटा के कुन्हाड़ी निवासी कंचु पिता श्याम सिंह सरदार के रूप में हुई। वह पिछले कुछ महीनों से सलवटिया में प्लास्टिक बीनकर जीवनयापन कर रहा था। बताया गया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था। परिजनों का पता नहीं चलने पर पुलिस ने नवीन नाहर से संपर्क किया। इसके बाद पिता-पुत्र अपने वाहन से शव को मोक्षधाम ले गए और अंतिम संस्कार किया।
25 साल से सेवा में जुटे नवीन, 10 साल से बेटा भी निभा रहा साथ
नवीन नाहर पिछले करीब 25 वर्षों से अधिक समय से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। पिता को यह सेवा करते देख उनके पुत्र योगेश भी पिछले 10 वर्षों से इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। दोनों अब तक 50 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं।
सड़ी-गली लाश देखकर लिया था संकल्प
नवीन नाहर ने बताया कि वर्ष 1998 में उन्हें पांच दिन पुराना एक लावारिस शव मिला था, जो सड़ चुका था। उसकी स्थिति देखकर पुलिसकर्मी भी पास जाने से कतरा रहे थे। यह दृश्य देखकर उनका मन विचलित हो गया। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी पहचान हो या न हो, उसे सम्मानजनक अंतिम विदाई जरूर मिलनी चाहिए। इसी संकल्प के साथ उन्होंने यह सेवा शुरू की।
अपने खर्चे पर करते हैं अंतिम संस्कार
योगेश नाहर ने बताया कि एक शव के अंतिम संस्कार पर करीब 4 से 5 हजार रुपए खर्च होते हैं, जिसका पूरा वहन वह स्वयं करते हैं। वे किसी से आर्थिक सहायता नहीं लेते। पुलिसकर्मी भी लावारिस शव मिलने पर उन्हें सूचना देते हैं।