कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं से किसान नाराज: आरक्षित प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों का कब्जा

ललित चावला बिजौलिया | 20 Feb 2026

आरक्षित प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों का कब्जा

बिजौलिया। कृषि उपज मंडी बिजौलिया में इन दिनों खरीफ की मुख्य फसल मक्का की खरीद जोरों पर है, लेकिन मंडी परिसर में फैली अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान और नाराज नजर आ रहे हैं। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य साधनों से अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, परंतु उन्हें फसल रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

फसल रखने के प्लेटफॉर्म पर कब्जा

चांदजी की खेड़ी के किसान नरेश धाकड़ ने बताया कि किसानों के लिए आरक्षित टीन शेड और प्लेटफॉर्म पर  व्यापारियों ने कब्जा कर रखा है। व्यापारियों द्वारा खरीदी गई फसल को किसानों के लिए बनाए गए विशाल चबूतरे पर रखा जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज खुले में डालनी पड़ रही है। मौसम में बदलाव और बादलों की आवाजाही के कारण किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।

15 दिन में मिल रहा पेमेंट, किसानों में आक्रोश

किसानों का आरोप है कि मक्का की खरीद 1400 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से की जा रही है, लेकिन भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि नियमानुसार फसल विक्रय के अधिकतम तीन दिनों के भीतर बैंक चेक के माध्यम से भुगतान किया जाना चाहिए, जबकि यहां 15 दिन से अधिक समय बाद भुगतान देने की बात कही जा रही है। किसानों ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए मंडी प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। किसानों का यह भी कहना है कि व्यापारी मनमर्जी से भाव तय कर रहे हैं और भुगतान में देरी कर रहे हैं, जिससे सैकड़ों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

मंडी प्रशासन का पक्ष

मंडी कर्मचारी रमेश सैन ने बताया कि मंडी में करीब 70 व्यापारी पंजीकृत हैं और पिछले 20 दिनों से मक्का की खरीद जारी है। प्रतिदिन लगभग एक हजार बोरी उपज मंडी में आ रही है। आगे से खरीद कम होने के कारण भुगतान में कुछ देरी हो रही है। उन्होंने माना कि किसानों के लिए आरक्षित प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों ने खरीदी गई फसल अस्थायी रूप से रखी है और प्लेटफॉर्म छोटा होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि खुले में रखी किसानों की फसल सुरक्षित है।
फिलहाल किसानों ने मंडी प्रशासन से व्यवस्था सुधारने, आरक्षित प्लेटफॉर्म खाली करवाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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