गोपालपुरा में दिखे दो पैंथर: शिकार की तलाश में खेतों के पास पहुंचे, 15 दिन पहले नीलगाय के बछड़े का किया था शिकार
ललित चावला बिजौलिया | 11 Oct 2026
बिजौलिया। क्षेत्र के गोपालपुरा गांव में शनिवार रात दो पैंथर दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। दोनों पैंथर बिजौलिया-तिलस्वां मार्ग पर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सैंड स्टोन की एक खदान के मुहाने पर रखे पत्थरों के बीच दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, पैंथर शिकार की तलाश में खेतों के नजदीक पहुंचे थे। वन्यजीवों की लगातार आवाजाही से खेतों में काम करने वाले किसानों और चरवाहों की चिंता बढ़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शी भगीरथ किराड़, हंसराज सुथार और प्रहलाद सुथार ने बताया कि शनिवार रात वे ट्रैक्टर से खेत में हकाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें बिजौलिया-तिलस्वां मार्ग पर स्थित एक पत्थर खदान के मुहाने पर रखे पत्थरों के बीच दो पैंथर दिखाई दिए। संदेह होने पर उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो दोनों पैंथर नजर आए। रोशनी पड़ने से घबराए दोनों वन्यजीव पास के खेतों की ओर चले गए।
पैंथरों को देखकर किसानों ने शोर मचाया और आसपास खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों को सतर्क किया। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अक्सर पैंथर दिखाई देते हैं और कई बार तीन पैंथर एक साथ नजर आने की बात भी सामने आई है।
15 दिन पहले नीलगाय के बछड़े का किया था शिकार
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक पैंथर ने नीलगाय के बछड़े का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग की ओर से वन्यजीव को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया था, लेकिन पैंथर पकड़ में नहीं आए। अब एक बार फिर दो पैंथर दिखाई देने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का मानना है कि बंद पत्थर खदान और आसपास का क्षेत्र पैंथरों के छिपने का ठिकाना बना हुआ है।
चरागाह में पशु चराने जाने से डर रहे ग्रामीण
गोपालपुरा गांव के आसपास बड़ी मात्रा में खेत और चरागाह भूमि है। ग्रामीण अपने पशुओं को चराने के लिए नियमित रूप से इन क्षेत्रों में जाते हैं। ऐसे में पैंथरों की मौजूदगी से पशुपालकों और किसानों को खतरा महसूस हो रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि शिकार की तलाश में पैंथर आबादी क्षेत्र या खेतों के आसपास भी पहुंच सकते हैं।ग्रामीणों ने वन विभाग से लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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