Live मेरा वार्ड, मेरा प्रत्याशी: वार्ड 5 में किसके सिर सजेगा जीत का ताज? कम मतदाता, लेकिन समस्याएं बड़ी
ललित चावला बिजौलिया | 27 Aug 2026
CNX डिजिटल की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट
| वार्ड नंबर 5
एससी आरक्षित सीट
मतदाता संख्या: 270
एरिया: शक्करगढ़ चौराहा दिलिप सेठिया से कोर्ट के सामने वाली गली से शफी मोहम्मद से अंजनी वाटिका, विनोद पटवा, देवता के चबूतरे से जशोदा बहन से लालिया के देवरे की पिछे गली से शक्करगढ़ चौराहा दिलिप सेठिया, शक्करगढ़
बिजौलिया। नगर पालिका चुनाव का काउंटडाउन शुरू होते ही वार्ड नंबर 5 में भी चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है। यह वार्ड अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है और मतदाता संख्या के लिहाज से बिजौलिया के छोटे वार्डों में शामिल है। हालांकि मतदाता कम हैं, लेकिन वार्ड की समस्याएं छोटी नहीं हैं। यहां के लोगों को आज भी सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। वार्ड में चुनावी चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी और क्या नया पार्षद वार्ड की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करा पाएगा?
मतदाता कम, लेकिन समस्याएं बड़ी
वार्ड 5 की सबसे बड़ी समस्या यहां की सड़कों की बदहाली है। स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड के किसी भी मोहल्ले में व्यवस्थित सीसी सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी जमा होने से गलियों में कीचड़ फैल जाता है। बारिश के बाद कई रास्तों पर पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं बच्चों के लिए भी परेशानी बढ़ जाती है, क्योंकि कीचड़ और गंदगी के चलते वे घरों के बाहर सड़क पर खेल तक नहीं सकते।
सीसी सड़क नहीं तो नाली व्यवस्था भी बदहाल
वार्डवासी जामन दास, धीरू सिंधी, रमेश धाकड, रवि सिंह का कहना है कि सीसी सड़क और व्यवस्थित नालियों का अभाव एक-दूसरे से जुड़ी समस्या है। गलियों में पक्की सड़क नहीं होने के कारण जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी विकसित नहीं हो पाई है। बारिश के दौरान पानी और कीचड़ गलियों में फैल जाता है। कई जगह कचरा भी जमा रहता है, जिससे वार्ड की तस्वीर और खराब नजर आती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि सड़क और नाली का निर्माण व्यवस्थित तरीके से कराया जाए तो जलभराव और गंदगी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
बारिश में गली-मोहल्ले बन जाते हैं कीचड़ से लबालब
वार्ड में जगह-जगह बने गड्ढे बारिश के दौरान परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। गड्ढों में पानी भरने से लोगों के आवागमन में दिक्कत होती है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी संभलकर निकलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन अब जनता केवल वादे नहीं, बल्कि वार्ड विकास का स्पष्ट मास्टर प्लान चाहती है।
जनता बोली—वोट मांगने से
पहले बताना होगा विकास का प्लान
वार्ड में रहने वाली वर्षा, मनीष कोली का कहना है कि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उनका कहना है कि जो भी प्रत्याशी जनप्रतिनिधि बनने के लिए वोट मांगने वार्ड में आएगा, उससे जनता यह जानना चाहेगी कि वह सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर क्या योजना लेकर आया है। लोगों का कहना है कि अब केवल चुनावी आश्वासन पर्याप्त नहीं होंगे। प्रत्याशी को यह बताना होगा कि चुनाव जीतने के बाद वार्ड की समस्याओं को लेकर पालिका स्तर पर किस तरह काम कराया जाएगा और विकास कार्यों की प्राथमिकता क्या होगी।
महिलाओं और बच्चों की परेशानी सबसे ज्यादा
बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण महिलाओं और बच्चों की परेशानी बढ़ जाती है। घर से बाहर निकलने में दिक्कत होने के साथ-साथ रोजमर्रा के आवागमन पर भी इसका असर पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चों के खेलने के लिए भी वार्ड में बेहतर माहौल नहीं है। सड़क और गलियों में कीचड़ होने से बच्चे बाहर नहीं निकल पाते। वहीं गंदगी और कचरे की समस्या भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
एससी आरक्षित सीट पर किस चेहरे पर दांव?
वार्ड नंबर 5 की सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण भाजपा और कांग्रेस सहित चुनाव मैदान में उतरने वाले संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि वास्तविक चुनावी मुकाबले की तस्वीर प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। छोटा वार्ड होने के कारण यहां हर मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रत्याशियों के सामने चुनौती केवल चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि वार्ड की बुनियादी समस्याओं को लेकर जनता का भरोसा हासिल करने की भी होगी।
अब जनता पूछेगी—कौन देगा विकास का मास्टर प्लान?
वार्ड 5 में चुनावी माहौल बनने लगा है, लेकिन जनता के मुद्दे साफ नजर आ रहे हैं—सीसी सड़क, नाली, जल निकासी, सफाई और गड्ढों से मुक्ति। अब देखना होगा कि चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी इन समस्याओं को किस तरह अपने एजेंडे में शामिल करते हैं। मतदाता संख्या में छोटा वार्ड 5 अब विकास के बड़े सवालों के साथ चुनावी मैदान में खड़ा है। यहां के मतदाता इस बार ऐसे जनप्रतिनिधि की तलाश में नजर आ रहे हैं जो केवल वोट मांगने तक सीमित न रहे, बल्कि वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस विकास का मास्टर प्लान लेकर सामने आए।
वार्ड 5 से CNX डिजिटल की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट।