भागवत कथा की पूर्णाहुति : कृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालु, कार्यकर्ताओं का किया सम्मान
ललित चावला बिजौलिया | 14 Jun 2026
बिजौलिया। श्री नृसिंह द्वारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर आज कथा वाचक चित्रकूट धाम के स्वामी मुक्तानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की द्वारिका लीला, रुक्मणी विवाह, कृष्ण-सुदामा मिलन और भगवान के वंशजों का मार्मिक वर्णन किया।
कथा के दौरान स्वामीजी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी सहित 16,108 विवाह किए और द्वारिका में अनेक दिव्य लीलाएं कीं। उन्होंने अपने बाल सखा सुदामा से मिलकर उनकी दरिद्रता दूर की। कथा के समापन अवसर पर भड़केश्वरी पीठाधीश्वर स्वामी रामप्रियदास जी महाराज, नृसिंह द्वारा के संत श्यामदास महाराज, गोपालदास महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। विधि-विधान से हवन कर कथा की पूर्णाहुति की गई।
खता श्रवण करने बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही
कार्यक्रम में मांडलगढ़ विधायक गोपाल लाल खंडेलवाल भी शामिल हुए। उनके साथ अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कथा समापन के बाद आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर कथा में पधारे सभी संत महात्माओं को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। वहीं आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।