फर्जी पट्टा और नक्शा बनाने का मामला दर्ज: 21 साल पुराने भूखंड विवाद में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज, सरपंच-सचिव समेत कई नामजद
ललित चावला बिजौलिया | 26 May 2026
बिजौलिया। ग्राम पंचायत उमाजी का खेड़ा में वर्ष 2004 में कथित रूप से फर्जी नक्शा और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर भूखंड हड़पने के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस में 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कार जांच शुरू की है जिसमें उमाजी का खेड़ा के पूर्व और वर्तमान सरपंच सहित सचिव को आरोपी बनाया गया है।
बिजौलिया निवासी दिनेश कुमार पाराशर की ओर से जेएम कोर्ट बिजौलिया में पेश इस्तगासे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाज सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में आरोप है कि वर्ष 2004 से 2025 तक ग्राम पंचायत उमाजी का खेड़ा में एक ही परिवार का वर्चस्व रहा और तत्कालीन सरपंच, सचिव व पंचायत सदस्यों ने मिलकर पुराने रिकॉर्ड छिपाकर फर्जी नक्शा तैयार किया। इसमें पुरोहितों का खेड़ा स्थित आराजी संख्या-1 में पूर्व में जारी पट्टों को बदलते हुए परिवादी के भूखंड को समाप्त दर्शाकर दूसरे व्यक्ति के नाम भूखंड अंकित कर दिया गया।
इस्तगासे में बताया गया कि वर्ष 1987-88 में ग्राम पंचायत द्वारा कई लोगों को वैध पट्टे जारी किए गए थे। पंचायत के रिकॉर्ड से संबंधित पत्रावलियां गायब कर दी गईं या नष्ट कर दी गईं। यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान मुआवजा लेने के उद्देश्य से फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए गए और लाखों रुपए प्राप्त किए गए।
पीड़ित दिनेश पाराशर के अनुसार सितंबर 2023 में उसके भूखंड पर जेसीबी लगाकर निर्माण कार्य और तोड़फोड़ का प्रयास किया गया, जिस पर उसने पुलिस में शिकायत भी दी थी। इसके बाद राजस्व और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रकरण चला, जिसमें एडीएम भीलवाड़ा ने परिवादी के भूखंड को सही माना। मामले में परिवादी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तक शिकायत देने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के कारण अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।