बिजौलिया में मौत बनकर दौड़ रहे बिना नंबर के हैवी वाहन: पुलिस-परिवहन विभाग की लापरवाही पड़ रहीं आमजन को भारी
ललित चावला बिजौलिया | 25 May 2026
पत्थर खदानों से लेकर कस्बे की सड़कों तक नियमों की खुली धज्जियां, बिना इंश्योरेंस और संदिग्ध वाहनों से हो रहा परिवहन
बिजौलिया क्षेत्र में बिना नंबर और नियम विरुद्ध दौड़ रहे हैवी वाहनों ने आम लोगों की जान पर खतरा खड़ा कर दिया है। पत्थर खदानों में कंडम और बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेखौफ परिवहन में लगी हुई हैं, जबकि परिवहन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार हो रहे हादसों के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।
क्षेत्र के मकरेड़ी, सतकुड़िया, आंट, भूती, उद्पुरिया सहित एक दर्जन से अधिक खनन क्षेत्रों में बिना नंबर के वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से खदानों का वेस्टेज और काली मिट्टी डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाई जा रही है। आरोप हैं कि कई जगह ठेकेदारों की मिलीभगत से खदानों की मिट्टी का अवैध कारोबार भी चल रहा है।
कई संदिग्ध बाहरी वाहनों का खनन कार्य में उपयोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन इतने जर्जर हैं कि उनके कागजात तक नहीं हैं, फिर भी वे दिन-रात परिवहन में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं, कुछ चोरी के वाहनों के इस्तेमाल की भी चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। बेरीसाल गांव में ऐसे कंडम और बिना नंबर वाहनों को खनन कार्य में लगाने के लिए कथित रूप से एक ऑफिस संचालित होने की बात सामने आ रही है, जहां बाहरी संदिग्ध लोगों को ड्राइवरी पर लगाया गया है।
ट्रैक्टरों के इंश्योरेंस तक नहीं
इधर कस्बे में पत्थर स्टॉक से फर्शी भरकर ला रहे कई ट्रैक्टरों का इंश्योरेंस तक नहीं है। बावजूद इसके ये वाहन मुख्य सड़कों और आबादी क्षेत्र से तेज रफ्तार में गुजर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग और पुलिस की ढिलाई के चलते नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं।
ओवरलोड बिना इंश्योरेंस हुए ट्रैक्टर ने ली दो लोगों की जान
रविवार को सर्विस लेन पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। तेज गति से सामने से आए ट्रैक्टर की टक्कर से मोपेड सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद सामने आया कि 2019 मॉडल के ट्रैक्टर का इंश्योरेंस तक नहीं था। इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिना नंबर, बिना फिटनेस और बिना इंश्योरेंस वाले वाहन सड़कों पर कैसे दौड़ रहे हैं?
इस मामले में हेड कांस्टेबल राजू सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को जब्त कर उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल कार्रवाई का दावा काफी नहीं, बल्कि ऐसे वाहनों पर स्थायी रोक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई जरूरी है।