पुलिस एफआईआर से नाम हटाने की मांग: पत्रकार के खिलाफ नगर पालिका कर्मियों ने निकाली रैली, SDM को सौंपा ज्ञापन
ललित चावला बिजौलिया | 10 Apr 2026
बिजौलिया। नगर पालिका में कार्यरत संविदाकर्मी के खिलाफ पुलिस में दर्ज कथित झूठी प्राथमिकी के विरोध में शुक्रवार को संविदा कर्मियों ने पालिका चौक से रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उपजिला मजिस्ट्रेट (SDM) को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि नगर पालिका में कार्यरत संविदाकर्मी योगेश कुमार अहीर के विरुद्ध कस्बे के एक पत्रकार द्वारा झूठी FIR दर्ज करवाई गई है। कार्मिकों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति आए दिन नगर पालिका द्वारा राजकीय निर्देशों के तहत चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक उपयोग पर रोक, डस्टबिन व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाइयों में अनावश्यक हस्तक्षेप करता है।
कार्मिकों ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति द्वारा स्वयं के भवन में अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया गया है। जब नगर पालिका की ओर से वैधानिक कार्रवाई की जाती है, तो उससे बचने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है तथा निजी दस्तावेज अनैतिक तरीके से प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। कार्मिकों के अनुसार 22 मार्च को कार्यालय में सभी कर्मचारियों के सामने संबंधित पत्रकार द्वारा योगेश अहीर के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई तथा उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी दी गई। इसके बाद दबाव बनाने के उद्देश्य से झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
नगर पालिका कर्मियों का कहना है कि पत्रकारिता की आड़ में क्षेत्र में अनैतिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में अन्य कर्मचारियों को भी इसी तरह फंसाया जा सकता है। कार्मिकों ने SDM से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, योगेश अहीर का नाम झूठी प्राथमिकी से हटाया जाए।