बिजौलिया में गैस सिलेंडर संकट की आंच छात्रावास तक पहुंची: कस्तूरबा हॉस्टल की छात्राओं को घर भेजने की कही बात

ललित चावला बिजौलिया | 14 Mar 2026

कस्तूरबा हॉस्टल की छात्राओं को घर भेजने की कही बात

बिजौलिया। क्षेत्र में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब शैक्षणिक संस्थानों पर भी दिखाई देने लगा है। कस्बे के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने आरोप लगाया है कि गैस सिलेंडर खत्म होने का हवाला देकर उन्हें घर जाने के लिए कहा गया। जबकि इन दिनों 9वीं और 10वीं कक्षा की छात्राओं के वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में छात्राओं के सामने परीक्षा देने को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।

हॉस्टल में रहने वाली छात्रा चंचल भील ने बताया कि हॉस्टल की मेम ने कहा कि गैस की टंकी खत्म हो गई है, इसलिए बच्चियों को घर जाना पड़ेगा। छात्रा ने बताया कि उसका घर बिजौलिया से करीब 15 किलोमीटर दूर है। ऐसे में रोजाना गांव से बिजौलिया आकर परीक्षा देना काफी मुश्किल होगा।

वहीं इस मामले में हॉस्टल वार्डन अनीता धाकड़ ने कहा कि हॉस्टल में वर्तमान में 9वीं और 11वीं कक्षा की कुल 53 छात्राएं रह रही हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले गुरुवार को गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, जिसके बाद स्टाफ द्वारा एजेंसी से सिलेंडर लाया गया था। अब एजेंसी संचालक से भी बात हो चुकी है और गैस की व्यवस्था कर दी गई है।

इंचार्ज ने स्पष्ट किया कि बच्चियों को हॉस्टल छोड़कर जाने के लिए नहीं कहा गया है। हॉस्टल नियमानुसार 16 मई तक खुला रहेगा और छात्राएं यहीं रहकर अपनी पढ़ाई व परीक्षाएं दे सकती हैं।

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