बेसहारों को मिला सहारा: कास्या में पुलिस बनी मासूमों की ढाल,पांच बच्चों को गोद लेकर निभाई मानवता
ललित चावला बिजौलिया | 26 Nov 2025
बिजौलिया। कास्या गांव में बेसहारा और दयनीय हालत में जीवन गुजार रहे गरीब भील परिवार के पांच मासूमों पदमा(12),प्रिया(10), राजाराम(8),हरिओम(6)और देवराज(4) की जिंदगी में उस वक्त उम्मीद की किरण जगी, जब स्थानीय पुलिसकर्मियों ने आगे बढ़कर उनका जिम्मा अपने हाथों में ले लिया। भूख और अभाव में पल रहे इन बच्चों की हालत पर कास्या पुलिस की नजर पड़ते ही उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए बच्चों को न सिर्फ नए कपड़े और जूते उपलब्ध कराए, बल्कि पेटभर भोजन भी कराया और उनके संपूर्ण पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।
एएसआई नरेश शर्मा ने बताया कि तिलस्वां बीट के कांस्टेबल हेमाराम ने सबसे पहले इन बच्चों की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें चिह्नित किया और पुलिस चौकी लेकर आए। यहां चौकी स्टाफ ने बच्चों को कपड़े, जूते और खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया। पुलिसकर्मियों ने आगे बढ़कर इन बच्चों को गोद लेने का निर्णय किया है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
जानकारी के अनुसार बच्चों की मां दो वर्ष पहले घर छोड़कर चली गई थी और किसी अन्य से विवाह कर लिया। पिता शराब की लत में डूबा रहने के कारण बच्चों की देखभाल नहीं करता, जिससे मासूमों को यहां-वहां मांगकर अपना पेट भरना पड़ता था। ऐसे में पुलिस का आगे आना इन बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव साबित होने जा रहा है।पुलिस अब बच्चों के जरूरी दस्तावेज तैयार कराकर, उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। एएसआई नरेश शर्मा ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर अन्य आवश्यकताओं की जिम्मेदारी पुलिसकर्मी मिलकर उठाएंगे।कास्या में पुलिस का यह मानवीय चेहरा देखकर ग्रामीणों ने पुलिस की मुक्त कंठ से सराहना की हैl
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