बिजौलिया एसडीएम कार्यालय विलय विवाद: संभावित विलय के विरोध में क्षेत्र में उबाल, आज होगी विभिन्न संगठनों की अहम बैठक

ललित चावला बिजौलिया | 16 Nov 2025

संभावित विलय के विरोध में क्षेत्र में उबाल, आज होगी विभिन्न संगठनों की अहम बैठक

बिजौलिया। बिजौलिया उपखण्ड मुख्यालय को मांडलगढ़ उपखण्ड में विलय किए जाने की चल रही सुगबुगाहट से क्षेत्रवासियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 3–4 दिनों से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक संगठनों के लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुलकर विरोध जता रहे हैं। विरोध की इस मुहिम को अब ज़मीनी स्तर पर संगठित रूप देने की तैयारी की जा रही है।

बिजौलिया अभिभाषक संघ ने इस संभावित विलय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के अध्यक्ष एडवोकेट सुमित जोशी के नेतृत्व में रविवार दोपहर को बनी के बालाजी में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में क्षेत्र के सभी व्यापारिक मंडलों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।

संघ का कहना है कि बिजौलिया उपखण्ड कार्यालय क्षेत्र के हजारों लोगों के प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में इसका मांडलगढ़ में विलय होने से आमजन को अतिरिक्त दूरी और समय की परेशानी झेलनी पड़ेगी। बैठक के दौरान विलय को रोकने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार की जाएगी और आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि उपखण्ड मुख्यालय का अस्तित्व खत्म होने से बिजौलिया क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। विरोध जताने वालों की यह भी दलील है कि उपखण्ड का दर्जा क्षेत्र की प्रशासनिक जरूरतों और जनसंख्या को देखते हुए दिया गया था, जिसे हटाना जनहित के विपरीत होगा।

वहीं दूसरी ओर विरोध की यह लहर सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक तेजी पकड़ती जा रही है। आज होने वाली बैठक में लिए जाने वाले निर्णय इस आंदोलन की अगली दिशा तय करेंगे।

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